प्रिय बाबा नीम करोली के भक्तों अगर आप कैंची धाम जा ही रहे हैं महाराज जी का बुलावा आ ही गया है तो इस लेख से जानिये कि वहाँ क्या करें जिस से महाराज जी सिद्धि माँ प्रसन्न हों ही साथ ही अन्य भक्त गण भी आपके कारण परेशान नहीं हो :
नीम करोली बाबा को अर्ज़ी ऐसे लगायें
- कैंची धाम मंदिर के अन्दर मोबाइल से विडियो मत बनाइये | अन्दर फोटो लेना विडियो लेना मना है अतः आप मंदिर के अनुशासन का पालन कीजिये | कैंची मंदिर का विडियो बना कर अथवा कोई रील आदि मंदिर के अन्दर बना कर आप कोई बहुत बड़ा तीर नहीं मार लेंगे न ही आपको भारत के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री कोई पदक देने वाले हैं बल्कि ऐसा करके आप नीम कोरली बाबा जी को क्रोधित ही करेंगे |
कैंची धाम की प्रथम यात्रा
- जितना हो सके कम बात कीजिये या शांत रहिये क्योंकि आप एक शक्ति की अनुभूति के लिए जा रहे हैं पिकनिक या पार्टी के लिए नहीं अतः स्थान की गरिमा का ध्यान रखें | आपके बात करने से आपके साथ आगे पीछे खड़े श्रद्धालु परेशान होते हैं इस बात का ध्यान रखें | आप अपनी बात मंदिर प्रांगण से बाहर निकल कर भी कर सकते हैं | आप क्या खाने जा रहे हैं आपका आगे का क्या प्रोग्राम है आपकी गाड़ी में क्या रखा हुआ है क्या रह गया है यह सब बातें मंदिर में करने की नहीं होती है |
love marriage by his grace
- जितना संभव हो अपने मन में “राम राम” का निरंतर जप करते रहिये | अपने मन में महाराज जी नीम करोली बाबा और सिद्धि माँ का स्मरण करते रहिये | सिद्धि माँ जी का स्मरण करते रहिये | दूसरे क्या कर रहे हैं क्या नहीं कर रहे हैं उस से मतलब मत रखिये | अन्धानुकरण मत कीजिये | यदि कोई किसी मंदिर में किसी फोटो को प्रणाम कर रहा है तो आप भी मत करने लग जाइए | कोई वहाँ पर हनुमान चालीसा का पाठ कर रहा है तो आप भी शुरू मत हो जाइए |
जब नीम करोली बाबा ने राम दास को दर्शन दिए
- अगर आप किसी अटके हुए काम की सिद्धि के लिए जा रहे हैं (शादी नहीं हो रही है, बच्चे नहीं हो रहे है , नौकरी नहीं मिल रही है , नेता नहीं बन पा रहे हैं , कोर्ट कचहरी के मसले हैं या और भी इस प्रकार का बहुत कुछ है) तो बेहतर है की अपने घर में ही बाबा की पूजा करें क्योंकि बात एक ही है हमारे बाबा सर्वत्र हैं उनको फर्क नहीं पड़ने वाला कि आप कहाँ हैं क्योंकि जिसके मन में सत्य है राम है हनुमान हैं वहीँ महाराज जी नीम करोली बाबा भी हैं | ऐसा बिलकुल भी नहीं है कि मंदिर नहीं जाना चहिये – अवश्य जाना चाहिए हर हिन्दू को मंदिर नित्य जाना ही चहिये किन्तु यहाँ मंतव्य मात्र इतना सा है कि स्वार्थ के लिये कम और आत्मिक अनुभूति के लिए किये गए कार्य का महत्त्व अधिक होता है ऐसा हमारे पौराणिक शास्त्र ही कहते हैं | शेष आपके स्वविवेक पर निर्भर करता है |
संत के पलंग के बारे में क्या कहा
- अपने धन संपदा बड़ी गाड़ी महंगे मोबाइल आदि की हेकड़ी मंदिर प्रांगण में मत दिखाइए क्योंकि आप मैं या कोई भी महाराज जी के सामने कुछ नहीं है और न ही कभी होंगे इतना ध्यान रखिये नीम करोली बाबा महाराज जी पल में राजा से फ़कीर बनाने की शक्ति हमेशा से रखते आये हैं और रखते ही रहेंगे आप देश के प्रधानमंत्री भी क्यों न हो इस से कुछ फर्क नहीं पड़ता |
जब गंगा जल को दूध बना दिया
- कैंची धाम के अतिरिक्त काकड़ी घाट, भुमियाधार मंदिर, हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन अवश्य कीजिये और वहाँ की शक्ति शांति और आध्यात्मिकता की अनुभूति कीजिये अपनी आत्मा को तृप्त कीजिये | अपने किसी स्वार्थ के चक्कर में नहीं बल्कि अपनी आत्मा को सुख देने के लिए ऐसा कीजिये |
नीम करोली बाबा के चरण चिह्न दिवार पर उभरे
- कैंची धाम से या किसी भी देवी देवता के मंदिर से रील बाजी मत करिए अपने follower के चक्कर में स्थान की गरिमा को नष्ट मत कीजिये | यह सब अध्यात्मिक ऊर्जा के स्थल हैं आपके फोलोवर बढ़ाने का स्तोत्र नहीं है |
नीम करोली बाबा और दादा मुख़र्जी की प्रथम भेंट
- अति स्मार्ट बनने का प्रयास मत कीजिये क्योंकि इतना तो आपको समझना ही होगा कोई भी ईश्वर से स्मार्ट नहीं हो सकता कभी भी नहीं हो सकता |
दीपावली पर भेजा ११००० रुपया
- जितना संभव हो शनिवार इतवार मंगलवार को कैंची धाम मत जाइए क्योंकि जो एक धारणा बनी हुई है की ये दिन हनुमान जी के हैं तो ऐसा कुछ नहीं हैं ईश्वर के ही सभी दिन और रात होते हैं | ऐसा बिलकुल नहीं है कि इन दिनों का – मंगलवार शनिवार का कोई महत्व नहीं है किन्तु यदि आप एक बार इनमें से किसी भी दिन जा चुके हैं तो दुबारा जाकर भीड़ मत बढ़ाइए ऐसा करके आप भी परेशान होंगे दूसरे भी परेशान होंगे |
नीम करोली बाबा मंदिर पन्दुकेश्वर
- जब भी किसी पर्यटन स्थल पर आप घूमने जाते हैं तो वहाँ के बारे में आप या तो पढ़ते हैं या किसी से सुनकर या किसी प्रकार की जानकारी लेकर ही आप वहाँ जाते हैं – जब धर्म की बात आती है तो आम तौर पर अन्धानुकरण देखने में आता है की इतने लोग जा रहे हैं और वहाँ लोगों के काम बन रहे हैं इसलिए हम भी जायेंगे – ऐसा मत करिए बिलकुल भी मत करिए – आप में से अधिकतर लोग इसलिए कैंची जाते हैं क्योंकि आपने सोशल मीडिया पर चमत्कार की कहानियाँ सुनी हैं – उनमें से वास्तव में बहुत सी सत्य हैं किन्तु बहुत सी पूरी की पूरी झूठ हैं और आपकी कैंची जाने की प्रेरणा का स्तोत्र बनती हैं क्योंकि आपको लगता है अरे वहां जाकर फलां व्यक्ति का ऐसा हो गया तो हमारा भी होगा इसलिए सब काम छोड़कर कैंची धाम चलो | कुछ लोग अनेक प्रकार के तरीकों से झूठ फैला रहे हैं कुछ लोग सत्य भी बता रहे हैं सभी चल रहा है | अपने ज्ञान बुद्धि विवेक से निर्णय लीजिये धर्म के चमत्कार के बहकावे में मत आइये |
नीम करोली बाबा मंदिर कश्मीरी गेट नई दिल्ली
11. कैंची धाम के बाजू में जो आप पर्वत देखते हैं उसका नाम गर्गांचल है – जैसा कि नीम करोली बाबा उसके बारे में बोला करते थे , वहाँ गर्ग ऋषि ने तपस्या करी है | कैंची धाम के पर्वतों में मैं आज भी अनेक ऋषि तपस्यारत हैं जिनको हम नहीं देख सकते लेकिन वो जिसको अपना आभास करवाना चाहते हैं करवा देते हैं | ऐसे लोग हुए हैं जिनको वो आभास हो चुके हैं | ऐसी पवित्र जगह को ऐसे पवित्र स्थल को जितना संभव हो कम से कम दूषित कीजिये |
दादा मुख़र्जी के नीम करोली बाबा के साथ अनुभव
- कैंची धाम में वाहन की पार्किंग की बहुत समस्या है | अब सरकारी पार्किंग बनने के बाद भी लोग वहाँ गाड़ियां इधर उधर लगा देते हैं जिस से यातायात पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और लोग एक दूसरे से भी अपनी-अपनी गाड़ी को लेकर झगड़ा करते देखे जा सकते हैं | कृपया नियत स्थान पर ही अपनी गाड़ी पार्क करें और यदि वहाँ जगह न बची हो तब ही कहीं और अपने वाहन को पार्क करें किन्तु ऐसे पार्क करें जिस से मार्ग अवरुद्ध न हो और मुख्य मार्ग पर आने जाने वाले वाहनों को रूकावट न हो क्योंकि कोई ट्रेन पकड़ने के लिए जा रहा होता है कोई अस्पताल जा रहा होता है किसी को कोई अन्य आवश्यक कार्य होता है | अगर पैदल चल रहे हैं तो सड़क के किनारे चलिए बीच में नहीं जिस से यातायात अवरुद्ध न हो |
सक्सेना जी को सीख दी
13. धर्म की शोभा शालीनता से होती है विकृति से नहीं और आप ऐसा कुछ करते हैं जिस से कि सामाजिक शालीनता और धर्म की शालीनता भंग होती है तो आप अपना तो अहित कर ही रहे हैं आप दूसरे लोगों को अपने धर्म पर उँगली उठाने का मौका भी दे रहे हैं | क्या ऐसा करना आपको शोभा देता है – स्वयं विचार कीजिये |
एक महिला का सपनों का घर का सपना पूर्ण हुआ
14. कैंची धाम के सामने से जो नदी बहती है उसका नाम क्षिप्रा है जिसको महाराज जी उत्तर वाहिनी गंगा कहा करते थे | वह बहुत ही पवित्र नदी है जिसको आपको अवश्य ही प्रणाम करना चाहिये किन्तु गन्दा बिलकुल भी नहीं नहीं करना है अन्यथा आप ऐसे पाप के भागीदार बन जायंगे जिसकी मुक्ति संभव नहीं है |
कैंची धाम के होटल
15. महिला भक्तों से कर बद्ध निवेदन है कि स्थल के अनुरूप ही वस्त्र धारण करें अशोभनीय वस्त्र आदि धारण करके आप स्थल की पवित्रता को तो दूषित करेंगी ही साथ ही अपनी हेय मानसिकता का भी परिचय देंगी |
नीम करोली बाबा द्वारा “राम राम ” लिखना
नीम करोली बाबा और श्री सिद्धि माँ आप सभी भक्तों का उद्धार करें |
Kainchi dham is located near Nainital, a popular tourist destination in India. Neem karoli baba is the guru of the Late ram dass – the famous Dr. Rchard Alpert from the United States of America and Krishna Das the grammy nominee and a world-famous neem karoli baba devotee and neem karoli baba bhajan singer. Many Famous personalities of the world like Marck Zuckerberg, Apple CEO Late Steve Jobs, and Dr. Larry Brilliant have visited kainchi dham at some point in time and this is also openly discussed on international media. Recently famous cricketer Virat Kohli also visited Kainchi dham along with his wife actress Anushka Sharma. People of India and now everyone in each country where people follow neem karoli consider him as the incarnation of Lord Hanuman. I sincerely suggest his followers read the books written about him in the west and in India. I am giving the link below and if one wants to buy, he can do so.